Water Conservationयमुना बायोडायवर्सिटी पार्क गलियारा, दिल्ली•9/28/2026
यमुना बाढ़ के मैदानों में 45 एकड़ आर्द्रभूमि (वेटलैंड) का सफल पुनरुद्धार
दिल्ली में प्राकृतिक जल निकायों के पुनर्जीवन से स्थानीय भूजल स्तर में सुधार और 60 से अधिक प्रवासी पक्षी प्रजातियों की वापसी।
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डॉ. सुनीता सेन (Dr. Sunita Sen)
पर्यावरण लेखक / शोधकर्ता
मापने योग्य पर्यावरणीय प्रभाव
40 टन प्लास्टिक अपशिष्ट हटाया गया; 12 एकड़ आर्द्रभूमि पुनर्जीवित; प्राकृतिक जल निस्पंदन में सुधार।
शहरी अतिक्रमण और अनुपचारित अपशिष्ट जल ने उत्तर भारतीय नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसके समाधान के रूप में, एक जमीनी जन-अभियान ने बाढ़ के मैदानों की आर्द्रभूमि को पुनर्जीवित करने के लिए बहु-चरणीय परियोजना शुरू की।
### किए गए मुख्य कार्य
1. **कचरा व मलबे का निष्कासन:** 40 मीट्रिक टन से अधिक गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक और निर्माण मलबे को सावधानीपूर्वक निकाला गया।
2. **जैविक सरकंडा क्यारियाँ:** टाइफा और फ्रैग्माइट्स जैसे देशी जलीय पौधों को रोपा गया, जो भारी धातुओं और अतिरिक्त फॉस्फेट को स्वाभाविक रूप से अवशोषित करने के लिए जैविक फिल्टर का काम करते हैं।
3. **जैव विविधता की वापसी:** मात्र 90 दिनों के भीतर, पेंटेड स्टॉर्क और ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट सहित प्रवासी आर्द्रभूमि पक्षियों को पुनर्जीवित तटों पर बसेरा करते देखा गया।
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