Tree Plantationसिंहगढ़ तलहटी, पुणे•9/20/2026
सह्याद्रि पहाड़ियों पर 10,000 देशी वृक्षों का सफल रोपण अभियान
पुणे और पश्चिमी घाट की तलहटी में 10,000 नीम, पीपल, जामुन और बरगद के देशी पौधों का विशाल जन-सहभागिता अभियान संपन्न।
आ
आरव शर्मा (Aarav Sharma)
पर्यावरण लेखक / शोधकर्ता
मापने योग्य पर्यावरणीय प्रभाव
10,000 पौधे रोपे गए; प्रतिवर्ष ~150 टन CO2 अवशोषण; 45 हेक्टेयर में भूजल पुनर्भरण।
महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट्स में से एक हैं। लगातार तीन सप्ताहांतों में स्थानीय युवा समूहों, पर्यावरण गैर-सरकारी संगठनों और स्कूल के स्वयंसेवकों ने सह्याद्रि श्रेणी में बंजर पहाड़ी ढलानों को पुनर्जीवित करने के लिए एकजुट होकर काम किया।
### मुख्य उपलब्धियां
- **देशी वनस्पतियों का चयन:** उच्च उत्तरजीविता दर सुनिश्चित करने और स्थानीय पक्षियों के संरक्षण हेतु केवल नीम, पीपल, जामुन, करंज और बरगद जैसी देशी प्रजातियाँ रोपी गईं।
- **कंटूर ट्रेंचिंग (सूक्ष्म खाई निर्माण):** वृक्षारोपण से पहले मानसून के जल को अधिकतम रोकने के लिए ढलान की रूपरेखा के अनुसार जल-अवशोषण खाइयों का निर्माण किया गया।
- **रोपण उपरांत देखरेख:** स्थानीय ग्राम समितियों ने सूखे सर्दियों और गर्मियों के महीनों में जैविक मल्चिंग और साप्ताहिक ड्रिप सिंचाई प्रदान करने का जिम्मा उठाया है।
यह पहल परिपक्व होने पर प्रतिवर्ष 150 मीट्रिक टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने का अनुमान रखती है।
चित्र संकलन / गैलरी
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